Lord Krishna

Govardhan Puja, Parvat & Parikrama

Goverdhan & Govardhan parvat is a famous & religious place of Hindus. Govardhan Puja & Govardhan parikrama is just like prayer of govardhan parvat krishna.

गोवर्धन / GOVERDHAN

गोवर्धन  पर्वत ( Govardhan Parvat ) उत्तर प्रदेश (U.P)  के मथुरा ( Mathura ) जिले के अंतर्गत  आता है|  गोवर्धन ( Goverdhan ) व इसके आस पास के क्षेत्र को  बृजभूमि भी कहा जाता है | यह  भगबान श्री कृष्ण  ( Lord Krishna ) की जन्मभूमि और लीलास्थली है | यही पर भगवान श्री कृष्ण ( Krishna ) ने द्बापरयुग मै बृजबासियो को इन्द्र भगवान के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत ( Govardhan Mountain ) को अपनी तर्जनी उंगली पर तीन दिन और तीन रात तक उठाकर खड़े रहे | गोवर्धन ( Govardhan ) को भक्तजन कृष्णा गोवर्धन ( Krishna Govardhan ) भी कहते है | यहाँ दूर दूर  से भक्तजन गोवर्धन मथुरा ( Govardhan Mathura ) को देखने और Govardhan Hill के दर्शन करने के लिए आते है|

 

गोवर्धन पर्वत / GOVARDHAN PARVAT

गोवर्धन पर्वत ( Govardhan Parvat ) या गिरिराज पर्वत / Goverdhan Temple मथुरा नगर ( Mathura City ) से २१ से २२ कि मी की दूरी पर स्थित है | गोवर्धन पर्वत राधाकुंड ( radha kund ) से लगभग ३ किमी दूर  है| ये पर्वत बहुत विशाल  है| यहाँ पर भक्तो की मनोकामना पूरी होती है यहाँ पर एकचक्रेश्वर महादेव ( Chakleshwar Mahadev ) का प्रसिद्ध मंदिर है |

गोवर्धन पर्वत / Govardhan Parvat के ऊपर और आस पास गोवर्धन ग्राम बसा हुआ है और यहाँ पर एक मनसादेवी मदिर / Mansa Devi Mandir  भी बना हुआ है जो देखने योग्य है| मानसीगंगा / Mansi Ganga पर श्री गिरिराज जी का मुखारविंद है | जहाँ  उनका पूजन होता है| गोवर्धन हिल / Govardhan Hill पर श्री कृष्ण जी / Lord Krishna के बाल लीलाओ के चिन्ह आज भी देखने को मिलते है|

यहाँ के प्रसिद्ध मंदिर हैं: दानघाटी गोवर्धन मंदिर / Daan Ghati Mandir Govardhan, मानसीगंगा गोवर्धन / Mansi Ganga Mandir , गोवर्धन महाराज  मंदिर / Goverdhan Temple इत्यादि है |

 

गोवर्धन परिक्रमा / GOVARDHAN PARIKRAMA

सदियों से भक्तजन गोवर्धन परिक्रमा / Govardhan Parikrama करते  आ रहे  है| ये कहा जाता है | की हिन्दू / Hindu धर्म मे गोवर्धन की बहुत महत्वता है | भक्तजन जो भी इच्छा लेकर आते है  बह पूरी हो जाती है| गोवर्धन पर्वत परिक्रमा आस्था का अनोखा स्वरूप है | गोवर्धन पर्वत की लोग सच्चे हदय से परिक्रम्मा और पूजन करते है |

यह पर्वत छोटे छोटे बालू और पत्थर से बना है| गोवर्धन हिल ( Govardhan Hill ) की लम्बाई लगभग 8 कि. मी. है| सम्पूर्ण परिक्रम्मा २1 K.M. की है जिसे श्रृद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए लगन और श्रद्धा से पूरी करते है |

गोवर्धन की परिक्रमा का हिंदू धर्म मे बड़ा धार्मिक महत्व है | गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा के लिए पूरे विश्व से भक्तजन वर्ष भर यहाँ आते हैं | परिक्रमा दो प्रकार की होती है | एक छोटी परिक्रमा दूसरी बड़ी परिक्रमा | छोटी परिक्रमा केवल श्री गिरिराज जी मंदिर के चारो और चक्कर लगाकर  की जाती है जबकि बड़ी परिक्रमा में पूरे गोवर्धन मथुरा और छोटे छोटे गांव भी आते  हैं | कुछ भक्त ये परिक्रमा एक दिन मे पूरी कर लेते हैं तथा कुछ भक्त दो दिन मे पूरी कर पाते है|

 

गोवर्धन पूजा / GOVARDHAN PUJA & PUJA VIDHI

गोवर्धन पूजा ( Govardhan Puja ) कार्तिक मास के शुक्ला पक्ष की प्रतिपदा को की जाती है | गोवर्धन पूजा / Govardhan Puja दीपावली / Diwali के ठीक दूसरे दिन मनाई जाती है | इस पूजा मे गोवर्धन / Govardhan बनाने के लिए  गौ का गोवर ( गौ + वर्धन = गोवर्धन ) अर्थात गायों के गोवर से बनाये हुए गोवर्धन / गिरिराज पर्वत के प्रतिविम्ब की पूजा एवं आरती ( Govardhan Aarti ) की जाती है क्योकि ( because of ) श्री कृष्णा जी को गायें बहुत परमप्रिय थीं |

आज के दिन श्री गोवर्धन महाराज / Govardhan Maharaj पर दुग्धा अभिषेक किया जाता है तथा उन्हें माखन मिश्री का भोग लगाया जाता है| ये पूजा सामुहिक रूप से परिवार के साथ की जाती है और साथ ही जो हम अपने घर मै गोवर्धन पर्वत बनाते है उसकी परिक्रम्मा लगाते है| बहुत से लोग आज के दिन गायो को हल्दी कुमकुम से टीका लगाते है और उन्हें पीले रंग के वस्त्र भी पहनाते हैं |

गोवर्धन पूजा ( Govardhan Puja ) के दिन अन्नकूट का प्रसाद बनाया जाता है अन्नकूट हरीसब्जी और हरे पत्तों को कूट कर बनाया जाता है जो भंडारों मे  प्रसाद के रूप मे बांटा जाता है| ये अन्नकूट की सब्जी बहुत स्वादिस्ट होती है आप एक बार मथुरा, गोवर्धन, विन्द्रावन /  Mathura, Govardhan, Vrindavan जरूर आइये और हमारे यहाँ के प्रसिद्ध मंदिरो का आनंद उठाइये |

 

GOVARDHAN PUJA TIME & GOVARDHAN PUJA MUHURAT

गोवर्धन पूजा शुभ महूर्त 2020 / GOVARDHAN PUJA 2020

इस वर्ष गोवर्धन पूजा 15  नवंबर 2020  दिन रविवार को है|

गोवर्धन पूजा दोपहर -03  :17

सांयकाल    05  :38 तक

प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ :10 : 36  15 नबम्बर

प्रतिपदा तिथि समाप्त :07  :05  बजे 16  नबम्बर 2020

शुभ गोवर्धन पूजा / Happy Govardhan